tasavvur ham ne jab teraa kiya peshe-e-nazar paaya | तसव्वुर हम ने जब तेरा किया पेश-ए-नज़र पाया

  - Jalal Lakhnavi
तसव्वुरहमनेजबतेराकियापेश-ए-नज़रपाया
तुझेदेखाजिधरदेखातुझेपायाजिधरपाया
कहाँहमनेइसदर्द-ए-निहानीकाअसरपाया
यहाँउट्ठावहाँचमकाइधरआयाउधरपाया
पताउसनेदियातेरामिलाजोइश्क़मेंख़ुदगुम
ख़बरतेरीउसीसेपाईजिसकोबे-ख़बरपाया
दिल-ए-बेताबकेपहलूसेजातेहीगयासबकुछ
पाईंसीनेमेंआहेंआहोंमेंअसरपाया
वोचश्म-ए-मुंतज़िरथीजिसकोदेखाकेवातुमने
वोनालाथाहमाराजिसकोसोतेरातभरपाया
मैंहूँवोना-तवाँपिन्हाँरहाख़ुदआँखसेअपनी
हमेशाआपकोगुमसूरत-ए-तार-ए-नज़रपाया
हबीबअपनाअगरदेखातोदाग़-ए-इश्क़कोदेखा
तबीबअपनाअगरपायातोइकदर्द-ए-जिगरपाया
क्यागुमहमनेदिलकोजुस्तुजूमेंदाग़-ए-हसरतकी
किसीकोपाकेखोबैठेकिसीकोढूँढ़करपाया
बहुतसेअश्क-ए-रंगीं'जलाल'इसआँखसेटपके
मगरबे-रंगहीदेखाकुछरंग-ए-असरपाया
  - Jalal Lakhnavi
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