be-baak na dekha koi qaateel ke barabar | बे-बाक न देखा कोई क़ातिल के बराबर

  - Jalal Lakhnavi
बे-बाकदेखाकोईक़ातिलकेबराबर
शर्मआँखमेंपाईगईतिलकेबराबर
दुश्मनकोईयारमिराऔरतिरादोस्त
होगाज़मानेमेंमिरेदिलकेबराबर
दिलमुत्तसिल-ए-कूचा-ए-महबूबहुआगुम
लुटनाथापहुँचकरमुझेमंज़िलकेबराबर
कम-बख़्ती-ए-वाइज़हैकिहोवाज़कीसोहबत
रिन्दान-क़द्ह-नोशकीमहफ़िलकेबराबर
हमपीगएजोअश्कक़रीब-ए-मिज़ाआया
कश्तीहुईजबग़र्क़तोसाहिलकेबराबर
आहोंकेशररगर्दनहींदाग़-ए-जिगरके
ताबिंदाहैंअख़्तरमह-ए-कामिलकेबराबर
पर्दाउठाक़ैसनेलैलाकोदेखा
झोंकाभीआयाकोईमहमिलकेबराबर
मक़्तलमेंयेहसरतरहीज़ोफ़पस-ए-ज़ब्ह
पहुँचेतड़पकरकिसीबिस्मिलकेबराबर
घरतकदर-ए-जानाँसे'जलाल'आइएक्यूँँकर
एकएकक़दमहैकईमंज़िलकेबराबर
  - Jalal Lakhnavi
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