na theri jab koi taskin-e-dil ki shakl yaaron men | न ठेरी जब कोई तस्कीन-ए-दिल की शक्ल यारों में

  - Jalal Lakhnavi
ठेरीजबकोईतस्कीन-ए-दिलकीशक्लयारोंमें
तोनिकलेतड़पकरहमतुम्हारेबे-क़रारोंमें
किसीकेइश्क़मेंदर्द-ए-जिगरसेदिलयेकहताहै
इधरभीनिकलनाहमभीहैंउम्मीदवारोंमें
वोमातमबज़्म-ए-शादीहैतुम्हारीजिसमेंशिरकतहो
वोमरनाज़िंदगीहैतुमजहाँहोसोगवारोंमें
तअ'ल्लीसेयेनफ़रतहैकिबा'द-ए-मर्गख़ाकअपनी
अगरउठतीभीहैजाबैठतीहैख़ाकसारोंमें
हमारेदिलनेहमसेबे-वफ़ाईकरकेक्यापाया
वहाँभीजाकेठहरायागयाबे-ए'तिबारोंमें
वोखींचूँगा'जलाल'आहेंकिउसकीख़ाकउड़ादेंगी
फ़लकनेपीसडालाहैसमझकरख़ाकसारोंमें
  - Jalal Lakhnavi
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