tujh ko chaahoon mirii majaal kahaan | तुझ को चाहूँ मिरी मजाल कहाँ

  - JaiKrishn Chaudhry Habeeb
तुझकोचाहूँमिरीमजालकहाँ
बसमेंलेकिनमिराख़यालकहाँ
तेरामिलनामुहालहैलेकिन
तूजोचाहेतोफिरमुहालकहाँ
एकलम्हाकरमकादेदेते
मैंनेमाँगेथेमाह-ओ-सालकहाँ
फिरनशेमनक़फ़समेंयादआया
मैंकहाँऔरमिराख़यालकहाँ
मै-कदाजोरह-ए-हयातमेंहो
गुमरहीकाफिरएहतिमालकहाँ
दिलनेमुश्किलसेचैनपायाथा
फिरसेआयातिराख़यालकहाँ
वोमिलेभीतोअजनबीकीतरह
पुर्सिश-ए-हालकासवालकहाँ
जल्वा-ए-हुस्नमेंहुआहूँगुम
अबयहाँजा-ए-क़ील-ओ-क़ालकहाँ
चुपहीबेहतरहैइसज़मानेमें
सुननेवालाहैदिलकाहालकहाँ
क्यादेखा'हबीब'दुनियामें
याँसेजानेमेंफिरमलालकहाँ
  - JaiKrishn Chaudhry Habeeb
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