हैनोक-ए-ख़ारमेंकुछवोतोसब्ज़ा-ज़ारमेंकुछ
ख़िज़ाँमेंकुछहैमगरमौसम-ए-बहारमेंकुछ
गुहरथामाहथाजुगनूथायासितारा-ए-शाम
चमकरहाथातिरीचश्म-ए-अश्क-बारमेंकुछ
कहाँकेवहम-ओ-गुमाँकाहैसिलसिलामिरीज़ीस्त
किउसकेपारहीकुछहैनइसहिसारमेंकुछ
तमाम-उम्रवहीमिस्ल-ए-ख़ारचुभतेरहे
गुज़रगएथेजोपलसाया-ए-बहारमेंकुछ
फिरइसकेबा'दहैख़ुदपरयक़ींनदुनियापर
थीऐसीबातहीइकपलकेए'तिबारमेंकुछ
मैंउसकीयादसेदामनछुड़ालूँमुझकोख़याल
तबआयाजबनरहामेरेइख़्तियारमेंकुछ
नचाहतावोतोरौशननहोतीकोईभीशय
हैनूरउसकाभीक्याशाम-ए-इंतिज़ारमेंकुछ