vaise to kam hi miyaan ahl-e-junoon rote hain | वैसे तो कम ही मियाँ अहल-ए-जुनूँ रोते हैं

  - Jahanzeb Sahir
वैसेतोकमहीमियाँअहल-ए-जुनूँरोतेहैं
देखनेवालेसमझतेहैंकिख़ूँरोतेहैं
पूछनेवालेब-ज़िदहैंकिबतायाजाए
रोनेवालोंकोनहींयादकिक्यूँँरोतेहैं
मुझसेमतपूछकितफ़रीक़नहींकरसकता
मैंतोहँसतेहुएलोगोंकोकहूँरोतेहैं
वोबहुतख़ुशहैनयाघरहैनयाशहरमगर
गाँवमेंउसकीहवेलीकेसुतूँरोतेहैं
तुमकोहमजैसेमगरख़ुशहीनज़रआएँगे
येजोहमजैसेहैंआँखोंकेदरूँरोतेहैं
उसकीआँखोंकोकहाँआताथारोना'साहिर'
मैंनेफिररोकेदिखायाथाकियूँँरोतेहैं
  - Jahanzeb Sahir
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