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Jagat Singh
kaafi mehnat hai har kaam men
kaafi mehnat hai har kaam men | काफ़ी मेहनत है हर काम में
- Jagat Singh
काफ़ी
मेहनत
है
हर
काम
में
करने
को
कुछ
भी
आसाँ
नहीं
- Jagat Singh
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जहाँ
सारे
हवा
बनने
की
कोशिश
कर
रहे
थे
वहाँ
भी
हम
दिया
बनने
की
कोशिश
कर
रहे
थे
Abbas Qamar
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कोई
ख़ुद-कुशी
की
तरफ़
चल
दिया
उदासी
की
मेहनत
ठिकाने
लगी
Adil Mansuri
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तदबीर
के
दस्त-ए-रंगीं
से
तक़दीर
दरख़्शाँ
होती
है
क़ुदरत
भी
मदद
फ़रमाती
है
जब
कोशिश-ए-इंसाँ
होती
है
Hafeez Banarasi
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मेरी
कोशिश
तो
यही
है
कि
ये
मासूम
रहे
और
दिल
है
कि
समझदार
हुआ
जाता
है
Vikas Sharma Raaz
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फ़रिश्ते
से
बढ़
कर
है
इंसान
बनना
मगर
इस
में
लगती
है
मेहनत
ज़ियादा
Altaf Hussain Hali
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देख
मोहब्बत
का
दस्तूर
तू
मुझ
से
मैं
तुझ
से
दूर
कोशिश
लाज़िम
है
प्यारे
आगे
जो
उसको
मंज़ूर
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Nasir Kazmi
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उसकी
तस्वीरें
हैं
दिलकश
तो
होंगी
जैसी
दीवारें
हैं
वैसा
साया
है
एक
मैं
हूँ
जो
तेरे
क़त्ल
की
कोशिश
में
था
एक
तू
है
जो
जेल
में
खाना
लाया
है
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Tehzeeb Hafi
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तोड़
कर
तुझको
भला
मेरा
भी
क्या
बन
जाता
उल्टा
मैं
ख़ुद
की
मुहब्बत
प
सज़ा
बन
जाता
जितनी
कोशिश
है
तिरी
एक
तवज्जोह
के
लिए
उस
सेे
कम
में
तो
मैं
दुनिया
का
ख़ुदा
बन
जाता
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Ashutosh Vdyarthi
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शायद
अगली
इक
कोशिश
तक़दीर
बदल
दे
ज़हर
तो
जब
जी
चाहे
खाया
जा
सकता
है
Siraj Faisal Khan
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कितनी
लंबी
ख़ामोशी
से
गुज़रा
हूँ
उन
से
कितना
कुछ
कहने
की
कोशिश
की
Gulzar
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जिसको
अपना
ग़म
सुना
दूँ
सुन
के
ग़म
फिर
हँसता
है
वो
Jagat Singh
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ग़म
अभी
तक
मुझे
सहना
नहीं
आया
मीन
को
आब
में
रहना
नहीं
आया
सोच
तो
सब
लिया
था
आज
कह
दूँगा
मिलके
आदाब
भी
कहना
नहीं
आया
तैरने
का
हुनर
था
इसलिए
ही
तो
क़श्ती
को
आब
में
बहना
नहीं
आया
आज
भी
हमनवा
कोई
नहीं
मेरा
पर
अकेले
मुझे
रहना
नहीं
आया
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Jagat Singh
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यक़ीनन
ये
मुहब्बत
नाम
की
होगी
जो
तू
रहता
है
अब
भी
होश
में
अपने
Jagat Singh
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इक
रिश्ता
मैंने
भी
जगत
कुछ
इस
तरह
निभा
दिया
तोहफ़ा
खरीदना
था
बस
घर
बेच
कर
दिखा
दिया
Jagat Singh
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कैसे
उस
सेे
हम
मुहब्बत
करना
छोड़ें
हमने
इस
पौधे
को
बरसों
सींचा
है
जब
Jagat Singh
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