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Irshad 'Arsh'
naya kirdaar kahaanii men utar aaya to
naya kirdaar kahaanii men utar aaya to | नया किरदार कहानी में उतर आया तो
- Irshad 'Arsh'
नया
किरदार
कहानी
में
उतर
आया
तो
ख़त्म
देखो
मेरा
क़िरदार
हो
भी
सकता
है
- Irshad 'Arsh'
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मिरे
सलीक़े
से
मेरी
निभी
मोहब्बत
में
तमाम
उम्र
मैं
नाकामियों
से
काम
लिया
Meer Taqi Meer
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हुस्न
बला
का
क़ातिल
हो
पर
आख़िर
को
बेचारा
है
इश्क़
तो
वो
क़ातिल
जिसने
अपनों
को
भी
मारा
है
ये
धोखे
देता
आया
है
दिल
को
भी
दुनिया
को
भी
इसके
छल
ने
खार
किया
है
सहरा
में
लैला
को
भी
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Jaun Elia
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ये
इश्क़-विश्क़
का
क़िस्सा
तमाम
हो
जाए
सफ़ेद
दाढ़ी
हवस
की
गुलाम
हो
जाए
जवान
लड़कियों
बूढ़ों
से
तुम
रहो
हुश्यार
न
जाने
कौन
कहाँ
आसाराम
हो
जाए
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Paplu Lucknawi
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वो
आदमी
नहीं
है
मुकम्मल
बयान
है
माथे
पे
उस
के
चोट
का
गहरा
निशान
है
वो
कर
रहे
हैं
इश्क़
पे
संजीदा
गुफ़्तुगू
मैं
क्या
बताऊँ
मेरा
कहीं
और
ध्यान
है
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Dushyant Kumar
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किसी
बहाने
से
उसकी
नाराज़गी
ख़त्म
तो
करनी
थी
उसके
पसंदीदा
शाइर
के
शे'र
उसे
भिजवाए
हैं
Ali Zaryoun
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तमाम
जिस्म
को
आँखें
बना
के
राह
तको
तमाम
खेल
मुहब्बत
में
इंतिज़ार
का
है
Munawwar Rana
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घर
की
इस
बार
मुकम्मल
मैं
तलाशी
लूँगा
ग़म
छुपा
कर
मिरे
माँ
बाप
कहाँ
रखते
थे
Unknown
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रफ़्ता
रफ़्ता
ख़त्म
क़िस्सा
हो
गया,
होना
ही
था
वो
भी
आख़िर
मेरे
जैसा
हो
गया,
होना
ही
था
Ashar Najmi
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दुश्मनी
लाख
सही
ख़त्म
न
कीजे
रिश्ता
दिल
मिले
या
न
मिले
हाथ
मिलाते
रहिए
Nida Fazli
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अंजाम
उसके
हाथ
है
आग़ाज़
करके
देख
भीगे
हुए
परों
से
ही
परवाज़
करके
देख
Nawaz Deobandi
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मेरी
दुनिया
से
चाहत
घट
रही
है
मैं
दलदल
से
निकलता
जा
रहा
हूँ
Irshad 'Arsh'
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देखा
है
अभी
तुम
ने
तुम
ने
अभी
जाना
है
लेकिन
ये
ज़माने
का
अंदाज़
पुराना
है
क्या
कार-ए-अज़ीयत
है
करना
उसे
रुख़्सत
भी
आँसू
भी
छुपाने
हैं
हँसकर
भी
दिखाना
है
इस
बज़्म-ए-मोहब्बत
में
कुछ
देर
ज़रा
ठहरो
किस
बात
की
जल्दी
है
आख़िर
कहाँ
जाना
है
कुछ
और
कहा
होता
तो
मान
भी
जाता
दिल
पर
तुम
ने
बनाया
जो
कॉमन
सा
बहाना
है
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Irshad 'Arsh'
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ज़िंदगी
पुर-सुकून
लगती
है
हर
घड़ी
तुझ
को
याद
करने
से
Irshad 'Arsh'
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जो
बीज
बोए
गए
थे
पहले
अब
उन
सेे
पौदे
निकल
रहे
हैं
Irshad 'Arsh'
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ज़रा
सी
रौशनी
के
वास्ते
मुझ
ऐसों
को
ख़ुद
अपनी
ज़ात
ही
में
पहले
जलना
पड़ता
है
Irshad 'Arsh'
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