koi mila to kisi aur ki kamii hui hai | कोई मिला तो किसी और की कमी हुई है

  - Irfan Sattar
कोईमिलातोकिसीऔरकीकमीहुईहै
सोदिलनेबे-तलबीइख़्तियारकीहुईहै
जहाँसेदिलकीतरफ़ज़िंदगीउतरतीथी
निगाहअबभीउसीबामपरजमीहुईहै
हैइंतिज़ारउसेभीतुम्हारीख़ुश-बूका
हवागलीमेंबहुतदेरसेरुकीहुईहै
तुमगएहोतोअबआईनाभीदेखेंगे
अभीअभीतोनिगाहोंमेंरौशनीहुईहै
हमाराइल्मतोमरहून-ए-लौह-ए-दिलहैमियाँ
किताब-ए-अक़्लतोबसताक़परधरीहुईहै
बनाओसाएहरारतबदनमेंजज़्बकरो
किधूपसेहनमेंकबसेयूँँहीपड़ीहुईहै
नहींनहींमैंबहुतख़ुशरहाहूँतेरेबग़ैर
यक़ीनकरकियेहालतअभीअभीहुईहै
वोगुफ़्तुगूजोमिरीसिर्फ़अपने-आपसेथी
तिरीनिगाहकोपहुँचीतोशा'इरीहुईहै
  - Irfan Sattar
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