वो चाँद है तो अक्स भी पानी में आएगा

  - Iqbal Sajid
वोचाँदहैतोअक्सभीपानीमेंआएगा
किरदारख़ुदउभरकेकहानीमेंआएगा
चढ़तेहीधूपशहरकेखुलजाएँगेकिवाड़
जिस्मोंकारहगुज़ाररवानीमेंआएगा
रख़्त-ए-सफ़रभीहोगामिरेसाथशहरमें
सहराभीशौक़-ए-नक़्ल-ए-मकानीमेंआएगा
फिरआएगावोमुझसेबिछड़नेकेवास्ते
बचपनकादौरफिरसेजवानीमेंआएगा
कबतकलहूकेहब्ससेगरमाएगाबदन
कबतकउबालआगसेपानीमेंआएगा
सूरततोभूलबैठाहूँआवाज़यादहै
इकउम्रऔरज़ेहनगिरानीमेंआएगा
'साजिद'तूअपनेनामकाकतबाउठाएफिर
येलफ़्ज़कबलिबास-मआनीमेंआएगा
  - Iqbal Sajid
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