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Murari Mandal
kisi ka zor ab dil par nahin chaltaa
kisi ka zor ab dil par nahin chaltaa | किसी का जो़र अब दिल पर नहीं चलता
- Murari Mandal
किसी
का
जो़र
अब
दिल
पर
नहीं
चलता
चला
भी
जाए
तो
अक्सर
नहीं
चलता
कमाना
भी
ज़रूरी
है
यहाँ
जाना
सुनो
बस
शा'इरी
से
घर
नहीं
चलता
- Murari Mandal
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अच्छे
हो
कर
लौट
गए
सब
घर
लेकिन
मौत
का
चेहरा
याद
रहा
बीमारों
को
Shariq Kaifi
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एक
मुद्दत
से
हैं
सफ़र
में
हम
घर
में
रह
कर
भी
जैसे
बेघर
से
Azhar Iqbal
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हमारे
घर
की
दीवारों
पे
'नासिर'
उदासी
बाल
खोले
सो
रही
है
Nasir Kazmi
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इक
दिए
से
एक
कमरा
भी
बहुत
है
दिल
जलाने
से
ये
घर
रौशन
हुआ
है
Neeraj Neer
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समझ
के
आग
लगाना
हमारे
घर
में
तुम
हमारे
घर
के
बराबर
तुम्हारा
भी
घर
है
Hafeez Banarasi
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वो
शाख़
है
न
फूल,
अगर
तितलियाँ
न
हों
वो
घर
भी
कोई
घर
है
जहाँ
बच्चियाँ
न
हों
Bashir Badr
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आप
क्या
आए
कि
रुख़्सत
सब
अंधेरे
हो
गए
इस
क़दर
घर
में
कभी
भी
रौशनी
देखी
न
थी
Hakeem Nasir
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लोग
हर
मोड़
पे
रुक
रुक
के
सँभलते
क्यूँँ
हैं
इतना
डरते
हैं
तो
फिर
घर
से
निकलते
क्यूँँ
हैं
मोड़
होता
है
जवानी
का
सँभलने
के
लिए
और
सब
लोग
यहीं
आ
के
फिसलते
क्यूँँ
हैं
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Rahat Indori
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तेरी
यादें
लिपट
जाती
हैं
मुझ
से
घर
पहुँचते
ही
कि
जैसे
बाप
से
आकर
कोई
बच्ची
लिपटती
है
Afzal Ali Afzal
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नताएज
जब
सर-ए-महशर
मिलेंगे
मोहब्बत
के
अलग
नंबर
मिलेंगे
तुम्हारी
मेज़बानी
के
बहाने
कोई
दिन
हम
भी
अपने
घर
मिलेंगे
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Khurram Afaq
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किसी
का
जोड़
अब
दिल
पर
नहीं
चलता
चला
भी
जाए
तो
अक्सर
नहीं
चलता
कमाना
भी
ज़रूरी
है
यहाँँ
जाना,
सुनो
बस
शा'इरी
से
घर
नहीं
चलता
बहे
नैना
ज़मीं
से
यूँंँ
जुदा
होकर,
कि
अब
सर
पे
मिरे
अंबर
नहीं
चलता
नहीं
चलता
असर
मेरा
किसी
पर
अब,
कि
जैसे
नोट
इक
फट
कर
नहीं
चलता
चलेगा
अब
नहीं
तेरा
कोई
करतब,
बिना
डाटा
सनम
ट्विटर
नहीं
चलता
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Murari Mandal
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महफिलों
में
मुस्कुराते
लोग
हैं
देख
कैसे
ग़म
छुपाते
लोग
हैं
काम
पर
मैं
याद
रहता
हूँ
फ़क़त
बाद
में
फिर
भूल
जाते
लोग
हैं
जोड़
के
तिनका
बनाता
हूँ
महल
और
फिर
उसको
गिराते
लोग
हैं
देख
सपने
और
पूरा
कर
उसे
छोड़
कुछ
भी
बड़-बड़ाते
लोग
हैं
कोई
तो
आया
नहीं
पहले
कभी
अब
तुम्हारे
काम
आते
लोग
हैं
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Murari Mandal
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कोई
अपनी
ज़िंदगी
से
हार
बैठा
और
कोई
दिल-लगी
से
हार
बैठा
एक
ही
दिल
था
मिरे
अंदर
जिसे
मैं
उस
नज़र
की
सादगी
से
हार
बैठा
ढोल
पीटे
जा
रहा
था
मैं
जहाँ
में
पर
तिरी
इस
बंदगी
से
हार
बैठा
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Murari Mandal
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अपना
बचा
ये
नेट
कैसे
छोड़
दूँ
तेरे
बिना
ये
बेट
कैसे
छोड़
दूँ
अनुपस्थिति
तेरे
लबों
की
है
नहीं
तू
ही
बता
सिगरेट
कैसे
छोड़
दूँ
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Murari Mandal
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क्यूँ
नींद
ज़्यादा
आ
रही
है
आज
यूँँ
ये
आख़िरी
है
रात
मेरी
जान
क्या
Murari Mandal
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