तिरेक़रीबरहूँयाकिदूरजाऊँमैं
हैदिलकाएकहीआलमतुझीकोचाहूँमैं
मैंजानताहूँवोरखताहैचाहतेंकितनी
मगरयेबातउसेकिसतरहबताऊँमैं
जोचुपरहातोवोसमझेगाबद-गुमानमुझे
बुराभलाहीसहीकुछतोबोलआऊँमैं
फिरउसकेब'अदत'अल्लुक़मेंफ़ासलेहोंगे
मुझेसँभालकेरखनाबिछड़नजाऊँमैं
मोहब्बतोंकीपरखकायहीतोरस्ताहै
तिरीतलाशमेंनिकलूँतुझेनपाऊँमैं