jab ek shaKHs apna thikaana badal gaya | जब एक शख़्स अपना ठिकाना बदल गया

  - Iftikhar Haidar
जबएकशख़्सअपनाठिकानाबदलगया
फिरउसकेसाथसाराज़मानाबदलगया
बदलीनिगाह-ए-नाज़किसीख़ुश-जमालने
बदलारुख़-ए-कमाननिशानाबदलगया
बारिशमेंतेज़धूपनिकलआईचार-सू
मौसमथावोजोख़ूबसुहानाबदलगया
वोशख़्सबे-सबातकामतलबबताएगा
वोशख़्सजिसकादोस्तपुरानाबदलगया
हिजरतकेसाथसाथमईशतबदलगई
शजरेकेसाथसाथघरानाबदलगया
बे-चारीलड़कियोंकाभीकैसानसीबहै
निस्बतबदलगईतोठिकानाबदलगया
  - Iftikhar Haidar
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