dar-o-deewar KHud-kushi kar len | दर-ओ-दीवार ख़ुद-कुशी कर लें

  - Iftikhar Falak Kazmi
दर-ओ-दीवारख़ुद-कुशीकरलें
हमजोनाचारख़ुद-कुशीकरलें
फिरकहनामज़ाक़थाप्यारे
वाक़ईयारख़ुद-कुशीकरलें
कामकरनाहीशर्तहैतोफिर
क्यूँँइसबारख़ुद-कुशीकरलें
जिनचराग़ोंकोमौतकाडरहै
वोसर-ए-दारख़ुद-कुशीकरलें
उससेपहलेकिसामईंस्वयं
अहमकिरदारख़ुद-कुशीकरलें
जोहैंनादाँवोज़िंदगीझेलें
औरसमझदारख़ुद-कुशीकरलें
मैंतोकहताहूँजोशकीमानें
सबकलम-कारख़ुद-कुशीकरलें
  - Iftikhar Falak Kazmi
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