thakan to agle safar ke li.e bahaana tha | थकन तो अगले सफ़र के लिए बहाना था

  - Iftikhar Arif
थकनतोअगलेसफ़रकेलिएबहानाथा
उसेतोयूँँभीकिसीऔरसम्तजानाथा
वहीचराग़बुझाजिसकीलौक़यामतथी
उसीपेज़र्बपड़ीजोशजरपुरानाथा
मता-ए-जाँकाबदलएकपलकीसरशारी
सुलूकख़्वाबकाआँखोंसेताजिरानाथा
हवाकीकाटशगूफ़ोंनेजज़्बकरलीथी
तभीतोलहजा-ए-ख़ुशबूभीजारेहानाथा
वहीफ़िराक़कीबातेंवहीहिकायत-ए-वस्ल
नईकिताबकाएकइकवरक़पुरानाथा
क़बा-ए-ज़र्दनिगार-ए-ख़िज़ाँपेसजतीथी
तभीतोचालकाअंदाज़ख़ुसरवानाथा
  - Iftikhar Arif
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy