diyaar-e-noor men teera-shabon ka saa | दयार-ए-नूर में तीरा-शबों का साथी हो

  - Iftikhar Arif
दयार-ए-नूरमेंतीरा-शबोंकासाथीहो
कोईतोहोजोमिरीवहशतोंकासाथीहो
मैंउससेझूटभीबोलूँतोमुझसेसचबोले
मिरेमिज़ाजकेसबमौसमोंकासाथीहो
मैंउसकेहाथआऊँवोमेराहोकेरहे
मैंगिरपड़ूँतोमिरीपस्तियोंकासाथीहो
वोमेरेनामकीनिस्बतसेमो'तबरठहरे
गलीगलीमिरीरुस्वाइयोंकासाथीहो
करेकलामजोमुझसेतोमेरेलहजेमें
मैंचुपरहूँतोमेरेतेवरोंकासाथीहो
मैंअपनेआपकोदेखूँवोमुझकोदेखेजाए
वोमेरेनफ़्सकीगुमराहियोंकासाथीहो
वोख़्वाबदेखेतोदेखेमिरेहवालेसे
मिरेख़यालकेसबमंज़रोंकासाथीहो
  - Iftikhar Arif
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