शोर-ए-दरिया-ए-वफ़ाइशरत-ए-साहिलकेक़रीब
रुकगएअपनेक़दमआएजोमंज़िलकेक़रीब
फिरयेवारफ़्तगी-ए-शौक़समझमेंआए
इकज़राजाकेतोदेखेकोईबिस्मिलकेक़रीब
उनसेबिछड़ेहुएमुद्दतहुईलेकिनअबभी
इकचुभनहोतीहैमहसूसमुझेदिलकेक़रीब
अक्स-ए-बाज़ारयहाँभीनहोइसख़ौफ़सेहम
लौटलौटआएहैंजाकरतिरीमहफ़िलकेक़रीब