maqtal ke is sukoot pe hairat hai kya kahein | मक़्तल के इस सुकूत पे हैरत है क्या कहें

  - Iftikhar Aazmi
मक़्तलकेइससुकूतपेहैरतहैक्याकहें
ऐसीफ़ज़ातोहोकिजिसेकर्बलाकहें
येकारवान-ए-उम्रयेसहरायेख़ामुशी
आतीहैशर्मख़ुदपेबसअबऔरक्याकहें
लोगोंनेख़ामुशीकीज़बाँसीखलीतोफिर
क्याकरसकेंगेक़ातिल-नुत्क़-ओ-सदाकहें
वोज़र्बथीकिनुत्क़कीज़ंजीरखुलगई
क्याऔरमेहरबानी-ए-दस्त-ए-जफ़ाकहें
  - Iftikhar Aazmi
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