mirii mohabbat ki be-khu | मिरी मोहब्बत की बे-ख़ुदी को तलाश-ए-हक़्क़-ए-जलाल देना

  - Iffat abbas
मिरीमोहब्बतकीबे-ख़ुदीकोतलाश-ए-हक़्क़-ए-जलालदेना
कभीजोपाबंदा-ए-सितमहूँमुझेभीअज़्म-ए-मक़ालदेना
मोहब्बतोंकीयेशोख़ियाँहैंयेए'तिमाद-ए-वफ़ाहैमेरा
बिगड़केफ़िहरिस्त-ए-आशिक़ाँसेकहींमुझकोनिकालदेना
रह-ए-मोहब्बतकीसख़्तियोंसेजोरंग-ए-रुख़थाझुलसचुकाहै
तुम्हारीउल्फ़तपेमररहेहैंमिराभीचेहराउजालदेना
तुम्हारासबहमकोजानतेहैंतोअपनीइज़्ज़तकीलाजरखके
हमारीहस्तीकेआइनेकोकोईहुनरकुछकमालदेना
तुम्हीतोहोमीरमय-कदेकेतुम्हीहोसाक़ी-ए-तिश्ना-कामी
हमअपनासाग़रलिएखड़ेहैंज़रासीइसमेंभीढालदेना
सुनीहैंफ़य्याज़ियाँतुम्हारीतुम्हारेमस्तोंमेंहैयेशोहरत
हैमेरेसाक़ीकायेवतीराकिजामभरकरउबालदेना
पसंदहैंतुमकोभीगीआँखेंलरज़तेलबऔरउदासचेहरे
विसालकाजबइरादाकरनामुझेभीरंग-ए-मलालदेना
  - Iffat abbas
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