hai ye mar mitne ka ina'am tumhein kya ma'aloom | है ये मर मिटने का इनआ'म तुम्हें क्या मा'लूम

  - Iffat abbas
हैयेमरमिटनेकाइनआ'मतुम्हेंक्यामा'लूम
लज़्ज़त-ए-दश्ना-ए-बदनामतुम्हेंक्यामा'लूम
तुमनेदेखीहैफ़क़तमेरीपरेशाँ-हाली
मुझपेक्याक्याहुएइकरामतुम्हेंक्यामा'लूम
हैरतीहोकेउठाएहुएदिलफिरतेहैं
इसकेलगजानेकाअंजामतुम्हेंक्यामा'लूम
जज़्बा-ए-ख़्वाहिश-ओ-एहसासकीइसबाज़ीमें
कौनहोजाएगानाकामतुम्हेंक्यामा'लूम
देखतेहोमुझेपर-बस्तातोहँसदेतेहो
हैयहाँकौनतह-ए-दामतुम्हेंक्यामा'लूम
वक़्तकारंगबदलतेनहींदेखातुमने
सूरत-ए-गर्दिश-ए-अय्यामतुम्हेंक्यामा'लूम
मौसम-ए-मेहरकेदो-चारबरसदेखेहैं
सख़्ती-ए-मौसम-ए-आलामतुम्हेंक्यामा'लूम
  - Iffat abbas
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