ham ghoom chuke bastii ban men | हम घूम चुके बस्ती बन में

  - Ibn E Insha
हमघूमचुकेबस्तीबनमें
इकआसकीफांसलिएमनमें
कोईसाजनहोकोईप्याराहो
कोईदीपकहो,कोईताराहो
जबजीवनरातअँधेरीहो
इकबारकहोतुममेरीहो
जबसावनबादलछाएहों
जबफागुनफूलखिलाएहों
जबचंदारूपलुटाताहो
जबसूरजधूपनहाताहो
याशामनेबस्तीघेरीहो
इकबारकहोतुममेरीहो
हांदिलकादामनफैलाहै
क्यूँँंगोरीकादिलमैलाहै
हमकबतकपीतकेधोकेमें
तुमकबतकदूरझरोकेमें
कबदीदसेदिलकोसेरीहो
इकबारकहोतुममेरीहो
क्याझगड़ासूदख़सारेका
येकाजनहींबंजारेका
सबसोनारूपालेजाए
सबदुनिया,दुनियालेजाए
तुमएकमुझेबहुतेरीहो
इकबारकहोतुममेरीहो
  - Ibn E Insha
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