ham un se agar mil baithe hain kya dosh hamaara hota hai | हम उन से अगर मिल बैठे हैं क्या दोश हमारा होता है

  - Ibn E Insha
हमउनसेअगरमिलबैठेहैंक्यादोशहमाराहोताहै
कुछअपनीजसारतहोतीहैकुछउनकाइशाराहोताहै
कटनेलगींरातेंआँखोंमेंदेखानहींपलकोंपरअक्सर
याशाम-ए-ग़रीबाँकाजुगनूयासुब्हकाताराहोताहै
हमदिलकोलिएहरदेसफिरेइसजिंसकेगाहकमिलसके
बंजारोहमलोगचलेहमकोतोख़साराहोताहै
दफ़्तरसेउठेकैफ़ेमेंगएकुछशे'रकहेकुछकॉफ़ीपी
पूछोजोमआशका'इंशा'-जीयूँँअपनागुज़ाराहोताहै
  - Ibn E Insha
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