jungle jungle shauq se ghoomo dasht ki sair mudaam karo | जंगल जंगल शौक़ से घूमो दश्त की सैर मुदाम करो

  - Ibn E Insha
जंगलजंगलशौक़सेघूमोदश्तकीसैरमुदामकरो
'इंशा'-जीहमपासभीलेकिनरातकीरातक़यामकरो
अश्कोंसेअपनेदिलकोहिकायतदामनपरइरक़ामकरोइश्क़मेंजबयहीकामहैयारवलेकेख़ुदाकानामकरो
कबसेखड़ेहैंबरमेंख़िराज-ए-इश्क़केलिएसर-ए-राहगुज़ार
एकनज़रसेसादा-रुख़ोहमसादा-दिलोंकोग़ुलामकरो
दिलकीमताअ'तोलूटरहेहोहुस्नकीदीहैज़कातकभी
रोज़-ए-हिसाबक़रीबहैलोगोंकुछतोसवाबकाकामकरो
'मीर'सेबैअ'तकीहैतो'इंशा'मीरकीबैअ'तभीहैज़रूर
शामकोरोरोसुब्हकरोअबसुब्हकोरोरोशामकरो
  - Ibn E Insha
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