dil si cheez ke gaahak honge do ya ek hazaar ke beech | दिल सी चीज़ के गाहक होंगे दो या एक हज़ार के बीच

  - Ibn E Insha
दिलसीचीज़केगाहकहोंगेदोयाएकहज़ारकेबीच
'इंशा'जीक्यामाललिएबैठेहोतुमबाज़ारकेबीच
पीना-पिलानाऐनगुनहहैजीकालगानाऐनहवस
आपकीबातेंसबसच्चीहैंलेकिनभरीबहारकेबीच
सख़ियोख़ुश-नज़रोयकगूनाकरमख़ैरातकरो
नारा-ज़नाँकुछलोगफिरेंहैंसुब्हसेशहर-ए-निगारकेबीच
ख़ार-ओ-ख़स-ओ-ख़ाशाकतोजानेंएकतुझीकोख़बरमिले
गुल-ए-ख़ूबीहमतोअबसबदनामहुएगुलज़ारकेबीच
मिन्नत-ए-क़ासिदकौनउठाएशिकवा-ए-दरबाँकौनकरे
नामा-ए-शौक़ग़ज़लकीसूरतछपनेकोदोअख़बारकेबीच
  - Ibn E Insha
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