jab yaaden dil dikhen hain | जब यादें दिल तड़पाती हैं

  - SAAGAR SINGH RAJPUT
जबयादेंदिलतड़पातीहैं
आँखेंबारिशलेआतीहैं
ग़ममेरासुनकररोतेहैं
गुलगुलशनकेजज़्बातीहैं
फलआनेपरझुकतीहैंजो
वोशाखेंहीरहजातीहैं
कॉफ़ीसेनफ़रतकरतेहैं
हमभीथोड़ेदेहातीहैं
मैंसबभौरोंकाराजाहूँ
कलियाँमुझसेेशरमातीहैं
मैंहरसुखउनकोदेताहूँ
जोनदियाँमुझतकआतीहैं
दिलज़ख़्मोंकासागरहोतो
आँखेंदरियाहोजातीहैं
  - SAAGAR SINGH RAJPUT
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