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Shivam Mishra
badal taqdeer jaati hai vahii ik vaqt aane par
badal taqdeer jaati hai vahii ik vaqt aane par | बदल तक़दीर जाती है वही इक वक़्त आने पर
- Shivam Mishra
बदल
तक़दीर
जाती
है
वही
इक
वक़्त
आने
पर
सँभल
जाता
है
कोई
जब
कभी
ठोकर
भी
खाने
पर
- Shivam Mishra
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उस
वक़्त
का
हिसाब
क्या
दूँ
जो
तेरे
बग़ैर
कट
गया
है
Ahmad Nadeem Qasmi
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जनम
दिन
पर
घड़ी
दी
थी
उन्होंने
हमें
उम्मीद
थी
वो
वक़्त
देंगे
Harsh saxena
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न
सहम
कर
न
डर
के
छोड़ता
है
हंस
तालाब
मर
के
छोड़ता
है
वक़्त
बर्बाद
करने
वालों
को
वक़्त,
बर्बाद
कर
के
छोड़ता
है
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Harman Dinesh
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ऐ
दिल
की
ख़लिश
चल
यूँँही
सही
चलता
तो
हूँ
उन
की
महफ़िल
में
उस
वक़्त
मुझे
चौंका
देना
जब
रंग
पे
महफ़िल
आ
जाए
Behzad Lakhnavi
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वक़्त
बर्बाद
करने
वालों
को
वक़्त
बर्बाद
कर
के
छोड़ेगा
Divakar Rahi
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मेरे
जिस्म
से
वक़्त
ने
कपड़े
नोच
लिए
मंज़र
मंज़र
ख़ुद
मेरी
पोशाक
हुआ
Azm Shakri
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मैंने
जो
कुछ
भी
सोचा
हुआ
है,
मैं
वो
वक़्त
आने
पे
कर
जाऊँगा
तुम
मुझे
ज़हर
लगते
हो
और
मैं
किसी
दिन
तुम्हें
पी
के
मर
जाऊँगा
Tehzeeb Hafi
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माँ
की
आग़ोश
में
कल
मौत
की
आग़ोश
में
आज
हम
को
दुनिया
में
ये
दो
वक़्त
सुहाने
से
मिले
Kaif Bhopali
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मैं
रोज़
रात
यही
सोच
कर
तो
सोता
हूँ
कि
कल
से
वक़्त
निकालूँगा
ज़िन्दगी
के
लिए
Swapnil Tiwari
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कुछ
कहने
का
वक़्त
नहीं
ये
कुछ
न
कहो
ख़ामोश
रहो
ऐ
लोगों
ख़ामोश
रहो
हाँ
ऐ
लोगों
ख़ामोश
रहो
Ibn E Insha
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हैं
दरारें
बहुत
दर्द
की
मुझ
में
भी
पर
बुरादा
ख़मोशी
के
डाले
हूँ
मैं
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Shivam Mishra
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जो
धोखा
मिल
गया
हो
तो
मोहब्बत
तीर
लगती
है
मिली
जो
नइंँ
वफ़ा
हमको
तो
ये
तक़दीर
लगती
है
कि
रानी
है
किसी
की
वो
कहानी
थी
किसी
की
वो
मैं
रांझा
बन
नहीं
पाया
मगर
वो
हीर
लगती
है
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Shivam Mishra
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मेरी
नजरों
ने
उनको
इस
क़दर
डाला
है
मुश्किल
में
नज़र
हम
सेे
चुराते
रह
गए
हैं
वो
ही
महफ़िल
में
Shivam Mishra
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तंग
आ
गया
मैं
इस
बनावटी
समाज
से
अब
मुझे
भी
सीखना
है
हर
फ़रेब
आज
से
उम्र
ये
तो
कट
रही
है
इंतिज़ार
में
ही
अब
ज़ख़्म
भी
मेरे
थके
हुए
हैं
हर
इलाज
से
याद
दिल
से
कब
किसी
की
कौन
है
मिटा
सका
कौन
है
जो
रौशनी
जुदा
करे
सिराज
से
कौन
है
यक़ीन
कर
रहा
किसी
पे
अब
यहाँ
है
जिसे
यक़ीन
वो
न
बच
सका
रिवाज
से
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Shivam Mishra
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ज़िक्र
तेरा
मुझे
अब
गवारा
नहीं
सामने
अब
तो
आना
दोबारा
नहीं
जो
भी
मेरा
रहा
लुट
चुका
है
यहाँ
अब
लुटेरों
से
मुझको
ख़सारा
नहीं
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Shivam Mishra
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