ranjishen saari bhool jaati kya | रंजिशें सारी भूल जाती क्या

  - Hrishita Singh
रंजिशेंसारीभूलजातीक्या
लौटमुझतककभीवोआतीक्या
जलगईइंतिज़ारमेंइतना
अबमुलाक़ातभीजलातीक्या
जोबिछड़करगयाहैमुझसेेतो
उसकोभीमेरीयादआतीक्या
मेरेमाज़ीकीइतनीवहशतथी
सचमैंआख़िरउसेबतातीक्या
उसनेथामानहींथाहाथमिरा
आख़िरशउससेेमैंछुड़ातीक्या
वोनईंलौटावास्तेमेरे
मैंभीउससेेख़ुशीजतातीक्या
बे-नियाज़ीहैउसकाबंदाही
तोसदाभीअसरदिखातीक्या
  - Hrishita Singh
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