do pankh lage hote tu saath chala hota | दो पंख लगे होते तू साथ चला होता

  - Himanshu Upadhyay Som
दोपंखलगेहोतेतूसाथचलाहोता
परवाज़बयाँहोतीआग़ाज़नयाहोता
रिश्तेमैंनिभानेकोकुछऔररुकाहोता
नातोंमेंअगरबाक़ीकुछप्याररहाहोता
उम्मीद-ए-वफ़ातुझसेेमैंनेकीनहींहोती
तोज़ख़्ममेरेदिलकागहराहुआहोता
ऐसेजलेहोतेतबगामयेजीवनके
ख़्वाहिशकेशरारोंपरजोमैंचलाहोता
आँधीकोशहदेतेयेरातनहींहोती
शम्माढलीहोतीसूरजबुझाहोता
जोतूनेकभीमुझकोगुलनज़्रकियाथाइक
कुछबाबपलटनेथेवोफूलमिलाहोता
  - Himanshu Upadhyay Som
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