mere darwaaze pe khushiyaan raasta takti rahi | मेरे दरवाज़े पे खुशियाँ रास्ता तकती रही

  - Himanshu Kiran Sharma
मेरेदरवाज़ेपेखुशियाँरास्तातकतीरही
औरहमकमरेसेतेरीखिड़कियांतकतेरहे
जिनसेअपनाराब्ताथावोहमारेहुए
औरउनलोगोंकेहक़मेंहमदु'आपढ़तेरहे
इकनदीसेलीनमीऔ'पेड़सेलीशोखियाँ
फिरतुम्हारीयादमेंहमआँखनमकरतेरहे
पहलेहमनेग़मलिएफिरमोललीग़मकीवज़ह
फिरतिरीयादोंसेअपनेग़मकोहमभरतेरहे
रोज़जागेदिननिकालाशामकोरोकेरहे
जानेकैसेरातभरहमहरघड़ीमरतेरहे
वैसेहमनेसबलुटायाजोकमायाथाकभी
इकतिरेजानेकेडरसेकितनाहमडरतेरहे
हमनेनींदोंकोसुलायारोज़गाकेमर्सिया
कब्रमेंअपनीमगरहमरातभरजगतेरहे
  - Himanshu Kiran Sharma
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