ye mudda hi alag hai ab tumhaara dil nahin pyaare | ये मुद्दा ही अलग है अब तुम्हारा दिल नहीं प्यारे

  - Dhirendra Pratap Singh
येमुद्दाहीअलगहैअबतुम्हारादिलनहींप्यारे
नहींतोसाथचलनाइतनाभीमुश्किलनहींप्यारे
मुझेइकदिनअकेलेमेंयेसमझायाथापापाने
येशेर-ओ-शायरीमेंकोईमुस्तक़बिलनहींप्यारे
नहींहैंआपक़ायलजॉनकेनुसरतकेतोसाहब
हमारीदोस्तीकेआपफिरक़ाबिलनहींप्यारे
कभीबोतलकभीसिग्रेटजाओकमरेसेपूछो
मेरीबर्बादीमेंक्याक्याहुआशामिलनहींप्यारे
ज़रालाओतोउसकोसामनेमेरेमैंभीदेखूं
किसेलगताहैदोनैनातेरेक़ातिलनहींप्यारे
  - Dhirendra Pratap Singh
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