taaseer-e-bark-e-husn jo un ke sukhun men thii | तासीर-ए-बर्क़-ए-हुस्न जो उन के सुख़न में थी

  - Hasrat Mohani
तासीर-ए-बर्क़-ए-हुस्नजोउनकेसुख़नमेंथी
इकलर्ज़िश-ए-ख़फ़ीमिरेसारेबदनमेंथी
वाँसेनिकलकेफिरफ़राग़तहुईनसीब
आसूदगीकीजानतिरीअंजुमनमेंथी
इकरंग-ए-इल्तिफ़ातभीउसबे-रुख़ीमेंथा
इकसादगीभीउसनिगह-ए-सहरफ़नमेंथी
मोहताज-ए-बू-ए-इत्रथाजिस्म-ए-ख़ूब-ए-यार
ख़ुशबू-ए-दिलबरीथीजोउसपैरहनमेंथी
कुछदिलहीबुझगयाहैमिरावर्नाआजकल
कैफ़ियत-ए-बहारकीशिद्दतचमनमेंथी
मालूमहोगईमिरेदिलकोराह-ए-शौक़
वोबातप्यारकीजोहुनूज़उसदहनमेंथी
ग़ुर्बतकीसुब्हमेंभीनहींहैवोरौशनी
जोरौशनीकिशाम-ए-सवाद-ए-वतनमेंथी
ऐशगुदाज़-ए-दिलभीग़म-ए-आशिक़ीमेंथा
इकराहत-ए-लतीफ़भीज़िम्न-ए-महनमेंथी
अच्छाहुआकिख़ातिर-ए-'हसरत'सेहटगई
हैबतसीइकजोख़तरा-ए-दार-ओ-रसनमेंथी
  - Hasrat Mohani
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