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Harsh Raj
kisi ko ho koi bhi marz sab ko kahtaa firta hooñ
kisi ko ho koi bhi marz sab ko kahtaa firta hooñ | किसी को हो कोई भी मर्ज़ सब को कहता फिरता हूँ
- Harsh Raj
किसी
को
हो
कोई
भी
मर्ज़
सब
को
कहता
फिरता
हूँ
श़िफा
का
राज़
तेरे
नाम
की
दवा
ज़रूरी
है
- Harsh Raj
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कभी
तो
नस्ल-ओ-वतन-परस्ती
की
तीरगी
को
शिकस्त
होगी
कभी
तो
शाम-ए-अलम
मिटेगी
कभी
तो
सुब्ह-ए-ख़ुशी
मिलेगी
Abul mujahid zaid
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जानती
हो
कि
क्या
हुआ
है
तुम्हें
इश्क़
का
रोग
लग
गया
है
तुम्हें
तुमको
देखें
तो
देखते
जाएँ
देखने
का
अलग
मज़ा
है
तुम्हें
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Pravin Rai
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हाँ
ठीक
है
मैं
अपनी
अना
का
मरीज़
हूँ
आख़िर
मिरे
मिज़ाज
में
क्यूँँ
दख़्ल
दे
कोई
Jaun Elia
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ये
मुझे
नींद
में
चलने
की
जो
बीमारी
है
मुझ
को
इक
ख़्वाब-सरा
अपनी
तरफ़
खींचती
है
Shahid Zaki
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वो
जिसकी
याद
ने
जीना
मुहाल
कर
रखा
है
उसी
की
आस
ने
मुझको
सँभाल
कर
रखा
है
सियाह
रातों
में
साए
से
बातें
करता
है
तुम्हारे
ग़म
ने
नया
रोग
पाल
कर
रखा
है
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Harsh saxena
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गर
अदीबों
को
अना
का
रोग
लग
जाए
तो
फिर
गुल
मोहब्बत
के
अदब
की
शाख़
पर
खिलते
नहीं
Afzal Ali Afzal
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इश्क़
से
तबीअत
ने
ज़ीस्त
का
मज़ा
पाया
दर्द
की
दवा
पाई
दर्द-ए-बे-दवा
पाया
Mirza Ghalib
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बैठे
बिठाए
हम
को
सनम
याद
आ
गए
फिर
उन
के
साथ
उन
के
करम
याद
आ
गए
कोई
जो
राह
चलते
अचानक
मिला
मियाँ
हम
को
हर
एक
रंज-ओ-अलम
याद
आ
गए
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shaan manral
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पूरी
कायनात
में
एक
क़ातिल
बीमारी
की
हवा
हो
गई
वक़्त
ने
कैसा
सितम
ढाया
कि
दूरियाँ
ही
दवा
हो
गईं
Unknown
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कुछ
तबीयत
में
उदासी
भी
हुआ
करती
है
हर
कोई
इश्क़
का
मारा
हो,
ज़रूरी
तो
नहीं
Jaani Lakhnavi
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यहाँ
पर
हैं
सभी
जो
दोस्त
बन
जाने
के
लायक
हैं
मगर
कुछ
ही
तो
हैं
जो
दोस्त
कहलाने
के
लायक
हैं
Harsh Raj
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दिल
से
मुझे
उसको
भुलाना
है
अभी
सो
फूल
इक
प्यारा
लगाना
है
अभी
कुछ
ऐसे
उसने
तोहफा
माना
नहीं
ये
गिफ़्ट
रक्खो
घर
में
जाना
है
अभी
होता
नहीं
अब
सब्र
शब
है
ये
तो
क्या
खोलो
ये
खिड़की
मुझको
आना
है
अभी
बातें
छुपाना
बंद
कर
दो
हर्ष
तुम
इज़हार
करने
का
ज़माना
है
अभी
हम
ही
मनाएंगे
भी
पर
पहले
तो
इक
नाम
से
उसको
जलाना
है
अभी
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Harsh Raj
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इसको
दर्द
समझो
या
शौक
या
दवा
समझो
उसने
बाँध
ली
राखी
ख़ुद
की
ही
कलाई
में
Harsh Raj
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दुख
और
कष्टों
से
तो
बेहतर
मौत
मिल
जाए
उन्हें
बिस्तर
पे
मजबूरन
जिन्हें
बिन
शौक
रहना
पड़ता
है
Harsh Raj
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किसी
ने
पूछा
ये
जो
है
मुहब्बत
कैसी
होती
है
निकाली
पर्स
से
तस्वीर
तेरी
दिखला
दी
उसको
Harsh Raj
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