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Harsh Raj
yahaañ par hain sabhi jo dost ban jaane ke laayak hain
yahaañ par hain sabhi jo dost ban jaane ke laayak hain | यहाँ पर हैं सभी जो दोस्त बन जाने के लायक हैं
- Harsh Raj
यहाँ
पर
हैं
सभी
जो
दोस्त
बन
जाने
के
लायक
हैं
मगर
कुछ
ही
तो
हैं
जो
दोस्त
कहलाने
के
लायक
हैं
- Harsh Raj
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इस
से
पहले
कि
बे-वफ़ा
हो
जाएँ
क्यूँँ
न
ऐ
दोस्त
हम
जुदा
हो
जाएँ
Ahmad Faraz
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यार
इक
बार
परिंदों
को
हुकूमत
दे
दो
ये
किसी
शहर
को
मक़्तल
नहीं
होने
देंगे
ये
जो
चेहरे
हैं
यहाँ
चाँद
से
चेहरे
'ताबिश'
ये
मिरा
इश्क़
मुकम्मल
नहीं
होने
देंगे
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Abbas Tabish
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खुशियाँ
उसी
के
साथ
हैं
जो
ग़म
गुसार
है
ऐसे
हरेक
शख़्स
ही
दुनिया
का
यार
है
Sunny Seher
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क़फस
उदास
है
यारों
सबास
कुछ
तो
कहो
कहीं
तो
बहरे-खुदा
आज
ज़िक्र-ए-यार
चले
Faiz Ahmad Faiz
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पुराने
यार
भी
आपस
में
अब
नहीं
मिलते
न
जाने
कौन
कहाँ
दिल
लगा
के
बैठ
गया
Fazil Jamili
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कहाँ
की
दोस्ती
किन
दोस्तों
की
बात
करते
हो
मियाँ
दुश्मन
नहीं
मिलता
कोई
अब
तो
ठिकाने
का
Waseem Barelvi
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और
फिर
लोग
यही
कहते
फिरेंगे
इक
दिन
यार
कल
ही
तो
मेरी
बात
हुई
थी
उस
सेे
Saad Ahmad
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बादलों
में
से
छनता
हुआ
नूर
देख
ऐसी
रौशन
जबीं
है
मेरे
यार
की
Afzal Ali Afzal
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पहले
रूठा
यार
मनाना
होता
है
फिर
कोई
त्योहार
मनाना
होता
है
Hasan Raqim
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कुछ
तो
कर
आदाब-ए-महफ़िल
का
लिहाज़
यार
ये
पहलू
बदलना
छोड़
दे
Waseem Barelvi
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इसको
दर्द
समझो
या
शौक
या
दवा
समझो
उसने
बाँध
ली
राखी
ख़ुद
की
ही
कलाई
में
Harsh Raj
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अलग
तुम
बेवफ़ाओं
की
वकालत
है
हमारी
फिर
किधर
कैसी
अदालत
है
अगर
ये
है
समझदारी
जो
तुझ
में
है
तो
मुझको
गर्व
है
मुझ
में
जहालत
है
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Harsh Raj
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बतौरे
ख़ास
उसकी
तो
हिफ़ाज़त
हो
किसी
घर
की
शजर
गर
एक
औरत
हो
घरों
में
जिनके
पूजी
जाती
हैं
नारी
वहीं
पर
सिर्फ़
बरकत
की
इजाज़त
हो
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Harsh Raj
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अलग
तुम
बेवफाओं
की
वकालत
है
हमारी
फिर
किधर
कैसी
अदालत
है
Harsh Raj
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देख
लेना
तुझ
को
पक्का
छोड़
देगा
पेड़
खाना
ले
के
पत्ता
छोड़
देगा
तुम
समझते
हो
वो
आँखें
देखता
है
देख
कर
ख़ुद
को
वो
शीशा
छोड़
देगा
हिचकिचाओ
मत
उसे
साथी
बनाओ
तेरी
ख़ातिर
जो
ज़माना
छोड़
देगा
अब
हर
इक
चीजों
पे
मत
टोको
उसे
तुम
वरना
वो
सब
सच
बताना
छोड़
देगा
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Harsh Raj
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