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Harsh Raj
isko dard samjho ya shauk ya davaa samjho
isko dard samjho ya shauk ya davaa samjho | इसको दर्द समझो या शौक या दवा समझो
- Harsh Raj
इसको
दर्द
समझो
या
शौक
या
दवा
समझो
उसने
बाँध
ली
राखी
ख़ुद
की
ही
कलाई
में
- Harsh Raj
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वो
आँखें
चुप
थीं
लेकिन
हँस
रही
थीं
मेरा
जी
कर
रहा
था
चूम
लूँ
अब
Ritesh Rajwada
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तुझे
छूकर
अभी
तक
होश
में
हूँ
कमी
कोई
कहीं
तो
रह
गई
है
Abhay Mishra
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दुख
तो
बहुत
मिले
हैं
मोहब्बत
नहीं
मिली
यानी
कि
जिस्म
मिल
गया
औरत
नहीं
मिली
मुझको
पिता
की
आँख
के
आँसू
तो
मिल
गए
मुझको
पिता
से
ज़ब्त
की
आदत
नहीं
मिली
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Abhishar Geeta Shukla
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तन्हा
ही
सही
लड़
तो
रही
है
वो
अकेली
बस
थक
के
गिरी
है
अभी
हारी
तो
नहीं
है
Ali Zaryoun
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खड़ा
हूँ
आज
भी
रोटी
के
चार
हर्फ़
लिए
सवाल
ये
है
किताबों
ने
क्या
दिया
मुझ
को
Nazeer Baaqri
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इश्क़
में
तेरे
गँवा
दी
ये
जवानी
जानेमन
हो
गई
दिलचस्प
अपनी
भी
कहानी
जानेमन
Tanoj Dadhich
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जब
तक
जला
ये
हम
भी
जले
इसके
साथ
साथ
जब
बुझ
गया
चराग़
तो
सोना
पड़े
हमें
Abbas Qamar
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मैं
उसे
वो
मुझको
समझाता
रहा
पर
त'अल्लुक़
फिर
भी
मुरझाता
रहा
Madan Mohan Danish
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किस
तरह
मेरी
जान
ये
किरदार
बने
है
जो
तुझ
सेे
मिले
है
वो
तेरा
यार
बने
है
Vikram Gaur Vairagi
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उदासी
का
सबब
दो
चार
ग़म
होते
तो
कह
देता
फ़ुलाँ
को
भूल
बैठा
हूँ
फ़ुलाँ
की
याद
आती
है
Ashu Mishra
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ये
मत
समझो
किया
इग्नोर
हर
इतवार
मैंने
झिझक
की
वजह
से
तुझको
किया
इनकार
मैंने
ख़ुदा
ने
ही
कहा
है
फल
की
चिंता
मत
किया
कर
ख़ुदा
का
नाम
ले
के
कर
दिया
इजहार
मैंने
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Harsh Raj
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देख
लेना
तुझ
को
पक्का
छोड़
देगा
पेड़
खाना
ले
के
पत्ता
छोड़
देगा
तुम
समझते
हो
वो
आँखें
देखता
है
देख
कर
ख़ुद
को
वो
शीशा
छोड़
देगा
हिचकिचाओ
मत
उसे
साथी
बनाओ
तेरी
ख़ातिर
जो
ज़माना
छोड़
देगा
अब
हर
इक
चीजों
पे
मत
टोको
उसे
तुम
वरना
वो
सब
सच
बताना
छोड़
देगा
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Harsh Raj
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अलग
तुम
बेवफ़ाओं
की
वकालत
है
हमारी
फिर
किधर
कैसी
अदालत
है
अगर
ये
है
समझदारी
जो
तुझ
में
है
तो
मुझको
गर्व
है
मुझ
में
जहालत
है
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Harsh Raj
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किसी
को
हो
कोई
भी
मर्ज़
सब
को
कहता
फिरता
हूँ
श़िफा
का
राज़
तेरे
नाम
की
दवा
ज़रूरी
है
Harsh Raj
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दुख
और
कष्टों
से
तो
बेहतर
मौत
मिल
जाए
उन्हें
बिस्तर
पे
मजबूरन
जिन्हें
बिन
शौक
रहना
पड़ता
है
Harsh Raj
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