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Harsh Raj
billi ne rastaa kaata to mere li.e achha hua
billi ne rastaa kaata to mere li.e achha hua | बिल्ली ने रस्ता काटा तो मेरे लिए अच्छा हुआ
- Harsh Raj
बिल्ली
ने
रस्ता
काटा
तो
मेरे
लिए
अच्छा
हुआ
जो
काम
था
वो
तो
नहीं
दीदार
पर
उनका
हुआ
- Harsh Raj
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ये
कैसी
इश्तियाक़-ए-दीद
है
मेरी
निग़ाहों
की
उन्हें
ही
देखना
चाहें,
झुकें
भी
सामने
उनके
Kiran K
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जिस
तरफ़
तू
है
उधर
होंगी
सभी
की
नज़रें
ईद
के
चाँद
का
दीदार
बहाना
ही
सही
Amjad Islam Amjad
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हर
आदमी
में
होते
हैं
दस
बीस
आदमी
जिस
को
भी
देखना
हो
कई
बार
देखना
Nida Fazli
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दो
मुल्कों
के
सियासी
खेल
में
जाने
यहाँ
पर
कितनों
के
घर
उजड़े
हैं
मौला
वही
हर
सुब्ह
मंज़र
देखना
पड़ता
हज़ारों
लोग
यूँँ
ही
मरते
हैं
मौला
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Harsh saxena
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सलीक़ा
तो
नहीं
मालूम
हम
को
दीद
का
लेकिन
झुकाती
है
नज़र
को
जब
नज़र
भर
देखते
हैं
हम
Sandeep dabral 'sendy'
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दूर
इक
सितारा
है
और
वो
हमारा
है
आँख
तक
नहीं
लगती
कोई
इतना
प्यारा
है
छू
के
देखना
उसको
क्या
अजब
नज़ारा
है
तीर
आते
रहते
थे
फूल
किसने
मारा
है
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Kafeel Rana
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यूँँ
बिछड़ना
भी
बहुत
आसाँ
न
था
उस
से
मगर
जाते
जाते
उस
का
वो
मुड़
कर
दोबारा
देखना
Parveen Shakir
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समुंदर
में
भी
सहरा
देखना
है
मुझे
महफ़िल
में
तन्हा
देख
लेना
Aqib khan
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हमें
दीदार
से
मरहूम
रखकर
है
नज़र
दिल
पर
पराया
माल
ताको
और
दौलत
अपनी
रहने
दो
Dagh Dehlvi
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कुछ
नज़र
आता
नहीं
उस
के
तसव्वुर
के
सिवा
हसरत-ए-दीदार
ने
आँखों
को
अंधा
कर
दिया
Haidar Ali Aatish
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हर
गली
में
बात
ये
मशहूर
है
भेष
में
इंसान
के
तू
हूर
है
कुछ
नहीं
पाने
को
बचता
और
जब
वो
हसीना
ज़िन्दगी
की
नूर
है
उस
से
जब
भी
बात
होने
लगती
है
फिर
नहीं
लगता
सफ़र
अब
दूर
है
तुम
रगड़
लो
नाक
चाहे
जितना
भी
होगा
वो
जो
लिक्खा
बा-दस्तूर
है
इक
तरफ़
हर
शै
से
दिक्कत
है
तुम्हें
इक
तरफ़
कहते
हो
सब
मंज़ूर
है
मैं
उसे
दिल
देने
को
तैयार
हूँ
ख़र्चने
पे
मुझको
जो
मग़रूर
है
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Harsh Raj
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ये
मत
समझो
किया
इग्नोर
हर
इतवार
मैंने
झिझक
की
वजह
से
तुझको
किया
इनकार
मैंने
ख़ुदा
ने
ही
कहा
है
फल
की
चिंता
मत
किया
कर
ख़ुदा
का
नाम
ले
के
कर
दिया
इजहार
मैंने
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Harsh Raj
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अलग
तुम
बेवफ़ाओं
की
वकालत
है
हमारी
फिर
किधर
कैसी
अदालत
है
अगर
ये
है
समझदारी
जो
तुझ
में
है
तो
मुझको
गर्व
है
मुझ
में
जहालत
है
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Harsh Raj
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देख
लेना
तुझ
को
पक्का
छोड़
देगा
पेड़
खाना
ले
के
पत्ता
छोड़
देगा
तुम
समझते
हो
वो
आँखें
देखता
है
देख
कर
ख़ुद
को
वो
शीशा
छोड़
देगा
हिचकिचाओ
मत
उसे
साथी
बनाओ
तेरी
ख़ातिर
जो
ज़माना
छोड़
देगा
अब
हर
इक
चीजों
पे
मत
टोको
उसे
तुम
वरना
वो
सब
सच
बताना
छोड़
देगा
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Harsh Raj
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किसी
ने
पूछा
ये
जो
है
मुहब्बत
कैसी
होती
है
निकाली
पर्स
से
तस्वीर
तेरी
दिखला
दी
उसको
Harsh Raj
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