miraa din khoobsurat yuñ banaa deta to kya hota | मिरा दिन ख़ूब-सूरत यूँँ बना देता तो क्या होता

  - Haidar Jafri
मिरादिनख़ूब-सूरतयूँँबनादेतातोक्याहोता
वोहमकोप्यारसेकरजगादेतातोक्याहोता
बहुतवा'देकिएथेआपनेतोसाथरहनेके
मोहब्बतमेंअगरइकदोनिभादेतेतोक्याहोता
मिराइसशबकीतारीकीसेदिलबेचैनहोताहै
रुख़-ए-अनवरसेवोपर्दाहटादेतेतोक्याहोता
मुसव्विरहूँतसव्वुरआपकीतस्वीरहैमेरा
तुम्हेंगरअपनीयादोंसेमिटादेतेतोक्याहोता
मैंकबसेमुंतज़िरथाआपकीनज़र-ए-करामतका
जोलम्हेभरकोहीचेहरादिखादेतेतोक्याहोता
अजबयेशौक़हैगलियोंमेंतेरीरोज़आताहूँ
तिरीराहोंमेंहीघरकोबनादेतेतोक्याहोता
मैंअपनेज़ख़्मख़ुदहीदेखकरख़ुदसेयेकहताहूँ
वोहँसकरटालजातेहैंसज़ादेतेतोक्याहोता
हैउनकीशाइ'रीकाभीबहुतचर्चाज़बानोंपर
ग़ज़लहमकोभीवो'हैदर'सुनादेतेतोक्याहोता
  - Haidar Jafri
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