kya kya na rang tere talabgaar la chuke | क्या क्या न रंग तेरे तलबगार ला चुके

  - Haidar Ali Aatish
क्याक्यारंगतेरेतलबगारलाचुके
मस्तोंकोजोशसूफ़ियोंकोहालचुके
हस्तीकोमिस्ल-ए-नक़्श-ए-कफ़-ए-पामिटाचुके
आशिक़नक़ाब-ए-शाहिद-ए-मक़्सूदउठाचुके
काबेसेदैरदैरसेकाबेकोजाचुके
क्याक्याइसदो-राहेमेंहमफेरखाचुके
गुस्ताख़हाथतौक़े-ए-कमरयारकेहुए
हद्द-ए-अदबसेपाँवकोआगेबढ़ाचुके
कनआँसेशहर-ए-मिस्रमेंयूसुफ़कोलेगए
बाज़ारमेंभीहुस्नकोआख़िरदिखाचुके
पहुँचेतड़पतड़पकेभीजल्लादतकहम
ताक़तसेहाथपाँवज़ियादाहिलाचुके
होतीहैतनमेंरूहपयाम-ए-अजलसेशाद
दिनवादा-ए-विसालकेनज़दीकचुके
पैमानामेरीउम्रकालबरेज़होकहीं
साक़ीमुझेभीअबतोप्यालापिलाचुके
दीवानाजानतेहैंतिराहोश्यारउन्हें
जा
मेंकोजिस्मकेभीजोपुर्ज़ेउड़ाचुके
बे-वजहहरदमआइनापेश-ए-नज़रनहीं
समझेहमआपआँखोंमेंअपनीसमाचुके
उसदिलरुबासवस्लहुआदेकेजानको
यूसुफ़कोमोललेचुकेक़ीमतचुकाचुके
उट्ठानक़ाबचेहरा-ए-ज़ेबा-ए-यारसे
दीवारदरमियाँजोथीहमउसकोढाचुके
ज़ेर-ए-ज़मींभीतड़पेंगेआसमान-ए-हुस्न
बेताबतेरेगोरमेंभीचैनपाचुके
आराइश-ए-जमालबलाकानुज़ूलहै
अंधेरकरदियाजोवोमिस्सीलगाचुके
दोअबरूऔरदोलब-ए-जाँ-बख़्शयारके
ज़िंदोंकोक़त्लकरचुकेमुर्देजिलाचुके
मजबूरकरदियाहैमोहब्बतनेयारकी
बाहरहमइख़्तियारसेहैंअपनेजाचुके
सदमोंनेइश्क़-ए-हुस्नकेदमकरदियाफ़ना
'आतिश'सज़ागुनाह-ए-मोहब्बतकीपाचुके
  - Haidar Ali Aatish
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