rukh o zulf par jaan khoya kiya | रुख़ ओ ज़ुल्फ़ पर जान खोया किया

  - Haidar Ali Aatish
रुख़ज़ुल्फ़परजानखोयाकिया
अँधेरेउजालेमेंरोयाकिया
हमेशालिखेवस्फ़-ए-दंदान-ए-यार
क़लमअपनामोतीपिरोयाकिया
कहूँक्याहुईउम्रक्यूँँ-करबसर
मैंजागाकियाबख़्तसोयाकिया
रहीसब्ज़बे-फ़िक्रकिश्त-ए-सुख़न
जोताकियामैंबोयाकिया
बरहमनकोबातोंकीहसरतरही
ख़ुदानेबुतोंकोगोयाकिया
मज़ाग़मकेखानेकाजिसकोपड़ा
वोअश्कोंसेहाथअपनेधोयाकिया
ज़नख़दाँसे'आतिश'मोहब्बतरही
कुएँमेंमुझेदिलडुबोयाकिया
  - Haidar Ali Aatish
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