दीवानगीनेक्याक्याआलमदिखादिएहैं
परियोंनेखिड़कियोंकेपर्देउठादिएहैं
अल्लाह-रेफ़रोग़उसरुख़्सार-ए-आतिशींका
शम्ओं'केरंगमिस्ल-ए-काफ़ूरउड़ादिएहैं
आतिश-नफ़्सहवाहैगुलज़ारकीहमारे
बिजलीगिरीहैग़ुंचेजबमुस्कुरादिएहैं
सौबारगुलकोउसनेतलवोंतलेमलाहै
कटवाकेसर्वशमशादअक्सरजलादिएहैं
इंसान-ए-ख़ूब-रूसेबाक़ीरहेतफ़ावुत
इसवास्तेपरीकोदोपरलगादिएहैं
अबरू-ए-कजसेख़ून-ए-उश्शाक़क्याअजबहै
तलवारनेनिशान-ए-लश्करमिटादिएहैं
किसकिसकोख़ूबकहिएअल्लाहनेबुतोंको
क्यागोशओचश्मक्यालबक्यादस्त-ओ-पादिएहैं
बे-यारबामपरजोवहशतमेंचढ़गयाहूँ
परनालेरोतेरोतेमैंनेबहादिएहैं
वस्फ़-ए-कमान-ए-अबरूजोकीजिएसोकमहै
बे-तीरबिस्मिलोंकेतूदेलगादिएहैं
रोयाहूँयादकरकेमैंतेरीतुंद-ख़ूई
सरसरनेजबचराग़-ए-रौशनबुझादिएहैं
सोज़-ए-दिल-ओ-जिगरकीशिद्दतफिरआज-कलहै
फिरपहलुओंकेतकिएमशअ'लबनादिएहैं
शम्ओं'कोतूनेदिलसेपरवानोंकेउतारा
आँखोंसेबुलबुलोंकीगुलशनगिरादिएहैं
वोबादा-कशहूँमेरीआवाज़-ए-पाकोसुनकर
शीशोंनेसरहुज़ूर-ए-साग़रझुकादिएहैं
अश्कोंसेख़ाना-ए-तन'आतिश'ख़राबहोगा
क़स्र-ए-सीपिहर-ए-रिफ़अतबाराँनेढादिएहैं