mohabbat ka tiri banda har ik ko ai sanam paaya | मोहब्बत का तिरी बंदा हर इक को ऐ सनम पाया

  - Haidar Ali Aatish
मोहब्बतकातिरीबंदाहरइककोसनमपाया
बराबरगर्दन-ए-शाह-ओ-गदादोनोंकोख़मपाया
ब-रंग-ए-शम्अजिसनयदिलजलायातेरीदूरीमैं
तोउसनयमंज़िल-ए-मक़्सूदकोज़ेर-ए-क़दमपाया
बजाकरतेहैं'आशिक़ताक़-ए-अबरूकीपरस्तारी
यहीमेहराब-ए-दैर-ओ-काबामेंभीहमनेख़मपाया
निशानातीर-ए-तोहमतकाहैमेराअख़्तर-ए-ताले
उठाऊँदाग़मैंतोआसमाँसमझेदिरमपाया
हज़ारोंहसरतेंजावेंगीमेरेसाथदुनियासे
शरार-ओ-बर्क़सेभीअरसा-ए-हस्तीकोकमपाया
सिवाएरंजकुछहासिलनहींहैइसख़राबेमैं
ग़नीमतजानजोआरामतूनेकोईदमपाया
नज़रआयातमाशा-ए-जहाँजबबंदकींआँखें
सफ़ा-ए-क़ल्बसेपहलूमेंहमनेजाम-ए-जमपाया
जलायाऔरमाराहुस्नकीनैरंग-साज़ीने
कभीबर्क़-ए-ग़ज़बउसकोकभीअब्र-ए-करमपाया
फ़िराक़-अंजामकामआग़ाज़-ए-वसलतकाबिलाशकहै
बहुतरोयामैंरूह-ओ-तनकोजबमुश्ताक़हमपाया
हरइकजौहरमेंउसकानक़्श-ए-पा-ए-रफ़्तगाँसमझा
दम-ए-शमशीर-ए-क़ातिलजादा-ए-राह-ए-अदमपाया
हमाराकाबा-ए-मक़्सूदतेराताक़-ए-अबरूहै
तिरीचश्म-ए-सियहकोहमनेआहु-ए-हरमपाया
हुआहरगिज़ख़त्त-ए-शौक़कासामाँदुरुस्त'आतिश'
सियाहीहोगईनायाबअगरहमनेक़लमपाया
  - Haidar Ali Aatish
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy