hawa KHaamosh patte so rahe hain | हवा ख़ामोश पत्ते सो रहे हैं

  - Hafeez Shahid
हवाख़ामोशपत्तेसोरहेहैं
अभीशाख़ोंपेग़ुंचेसोरहेहैं
सर-ए-दीवारसूरजतपरहाहै
पस-ए-दीवारसाएसोरहेहैं
दर-ए-दिलपरअभीदस्तकदेना
अँधेराहैउजालेसोरहेहैं
हवा-ए-तुंदतूभीजाकेसोजा
दरख़्तोंपरपरिंदेसोरहेहैं
खुलीहैंशबकेदरवाज़ोंकीआँखें
मगरघरकेदरीचेसोरहेहैं
बख़ीलऐसानहींदेखाहैदरिया
किहमसाहिलपेप्यासेसोरहेहैं
बहुतज़ोरोंपेहैतूफ़ानलेकिन
समुंदरमेंजज़ीरेसोरहेहैं
तअ'ज्जुब-ख़ेज़हैदरियाकामंज़र
भँवरचुपहैंकिनारेसोरहेहैं
मज़ेहैंलूटनेवालोंके'शाहिद'
किअहल-ए-शहरसारेसोरहेहैं
  - Hafeez Shahid
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