baaton se teri baat ki KHushboo nikal pade | बातों से तेरी बात की ख़ुशबू निकल पड़े

  - Hafeez Momin
बातोंसेतेरीबातकीख़ुशबूनिकलपड़े
पहचानकाकहींकोईपहलूनिकलपड़े
कम-कमकहूँमैंशे'रसुनाऊँबहुतहीकम
क्याजोकिसीग़ज़लसेकभीतूनिकलपड़े
बोसाकहाथाआपनेअबरूचढ़ालिए
इतनीज़रासीबातपेचाक़ूनिकलपड़े
इसबारउसनेआपसेतुमकहदियाहमें
ऐसीख़ुशीकिआँखसेआँसूनिकलपड़े
कहतेहैंरौशनीकीहिफ़ाज़तकरेंगेहम
सूरजकीदेख-भालकोजुगनूनिकलपड़े
कानोंमेंरसथीघोलतीसंतोंकीबानीयाँ
त्रिशूललेकेआजकेसाधूनिकलपड़े
इफ़्लासकेलिबासमेंयेबातहैअगर
शाहानाआन-बानसेउर्दूनिकलपड़े
जबदीनकीमददकोपुकारागया'हफ़ीज़'
फाँकाअपनेहाथकासत्तूनिकलपड़े
  - Hafeez Momin
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