diya jab jaam-e-may saaqi ne bhar ke | दिया जब जाम-ए-मय साक़ी ने भर के

  - Hafeez Jaunpuri
दियाजबजाम-ए-मयसाक़ीनेभरके
तोपछताएबहुतहमतौबाकरके
लिपटजाओगलेसेवक़्त-ए-आख़िर
किफिरजीतानहींहैकोईमरके
वहाँसेकेउसकीभीफिरीआँख
वोतेवरहीनहींअबनामा-बरके
कोईजबपूछताहैहालदिलका
तोरोदेतेहैंहमइकआहभरके
गुलोंकेइश्क़मेंदेजानबुलबुल
अरेयेहौसलेएकमुश्तपरके
ख़ुदामहफ़ूज़रक्खेउनकीज़िदसे
जोकहतेहैंदिखादेतेहैंकरके
रहेंगेख़ाकमेंहमकोमिलाकर
तिरेअंदाज़इसनीचीनज़रके
दिमाग़अपनाक्यूँँकरअर्शपरहो
येसमझोतोगदाहैंकिसकेदरके
हुईहैक़ैदसेबद-तररिहाई
कियाआज़ादउसनेपरकतरके
उठेजातेहैंलोदुनियासेहमआज
मिटेजातेहैंझगड़ेउम्रभरके
'हफ़ीज़'अबनालाफ़रियादछोड़ो
कोईदिनयूँँभीदेखोसब्रकरके
  - Hafeez Jaunpuri
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