कलज़रूरआओगेलेकिनआजक्याकरूँँ
बढ़रहाहैक़ल्बकाइख़्तिलाजक्याकरूँँ
क्याकरूँँकोईनहींएहतियाजदोस्तको
औरमुझकोदोस्तकीएहतियाजक्याकरूँँ
अबवोफ़िक्रमंदहैंकहदियातबीबनेइश्क़हैजुनूँनहींमैंइलाजक्याकरूँँ
ग़ैरत-ए-रक़ीबकाशिकवाकररहेहोतुम
इसमुआमलेमेंसख़्तहैमिज़ाजक्याकरूँँ
मा-सिवा-ए-आशिक़ीऔरकुछकियाभीहो
सूझताहीकुछनहींकाम-काजक्याकरूँँ
महव-ए-कार-ए-दींहूँमैंबोरिया-नशींहूँमैं
राहज़ननहींहूँमैंतख़्त-ओ-ताजक्याकरूँँ
ज़ोरऔरज़रबग़ैरइश्क़क्याकरूँँ'हफ़ीज़'
चलगयाहैमुल्कमेंयेरिवाजक्याकरूँँ