kyun hijr ke shikwe karta hai kyun dard ke rone rota hai | क्यूँँ हिज्र के शिकवे करता है क्यूँँ दर्द के रोने रोता है

  - Hafeez Jalandhari
क्यूँँहिज्रकेशिकवेकरताहैक्यूँँदर्दकेरोनेरोताहै
अबइश्क़कियातोसब्रभीकरइसमेंतोयहीकुछहोताहै
आग़ाज़-ए-मुसीबतहोताहैअपनेहीदिलकीशामतसे
आँखोंमेंफूलखिलाताहैतलवोंमेंकाँटेबोताहै
अहबाबकाशिकवाक्याकीजिएख़ुदज़ाहिरबातिनएकनहीं
लबऊपरऊपरहँसतेहैंदिलअंदरअंदररोताहै
मल्लाहोंकोइल्ज़ामदोतुमसाहिलवालेक्याजानो
येतूफ़ाँकौनउठाताहैयेकश्तीकौनडुबोताहै
क्याजानिएयेक्याखोएगाक्याजानिएयेक्यापाएगा
मंदिरकापुजारीजागताहैमस्जिदकानमाज़ीसोताहै
ख़ैरातकीजन्नतठुकरादेहैशानयहीख़ुद्दारीकी
जन्नतसेनिकालाथाजिसकोतूउसआदमकापोताहै
  - Hafeez Jalandhari
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