utho ab der hoti hai vahaañ chal kar sanwar j | उठो अब देर होती है वहाँ चल कर सँवर जाना

  - Hafeez Jalandhari
उठोअबदेरहोतीहैवहाँचलकरसँवरजाना
यक़ीनीहैघड़ीदोमेंमरीज़-ए-ग़मकामरजाना
मुझेडरहैगुलोंकेबोझसेमरक़ददबजाए
उन्हेंआदतहैजबआनाज़रूरएहसानधरजाना
हबाबसामनेसबवलवलेजोश-ए-जवानीके
ग़ज़बथाक़ुल्ज़ुम-ए-उम्मीदकाचढ़करउतरजाना
यहाँजुज़कश्ती-ए-मौज-ए-बलाकुछभीपाओगे
इसीकेआसरेदरिया-ए-हस्तीसेउतरजाना
मबादाफिरअसीर-ए-दाम-ए-अक़्ल-ओ-होशहोजाऊँ
जुनूँकाइसतरहअच्छानहींहदसेगुज़रजाना
'हफ़ीज़'आग़ाज़सेअंजामतकरहज़ननेपहुँचाया
उसीकोहम-सफ़रपायाउसीकोहम-सफ़रजाना
  - Hafeez Jalandhari
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy