un ko jigar ki justuju un ki nazar ko kya karoon | उन को जिगर की जुस्तुजू उन की नज़र को क्या करूँँ

  - Hafeez Jalandhari
उनकोजिगरकीजुस्तुजूउनकीनज़रकोक्याकरूँँ
मुझकोनज़रकीआरज़ूअपनेजिगरकोक्याकरूँँ
रातहीरातमेंतमामतयहुएउम्रकेमक़ाम
होगईज़िंदगीकीशामअबमैंसहरकोक्याकरूँँ
वहशत-ए-दिलफ़ुज़ूँतोहैहालमिराज़ुबूँतोहैइश्क़नहींजुनूँतोहैउसकेअसरकोक्याकरूँँ
फ़र्शसेमुतमइननहींपस्तहैना-पसंदहै
अर्शबहुतबुलंदहैज़ौक़-ए-नज़रकोक्याकरूँँ
हाएकोईदवाकरोहाएकोईदु'आकरो
हाएजिगरमेंदर्दहैहाएजिगरकोक्याकरूँँ
अहल-ए-नज़रकोईनहींइसलिएख़ुद-पसंदहूँ
आपहीदेखताहूँमैंअपनेहुनरकोक्याकरूँँ
तर्क-ए-तअल्लुक़ातपरगिरगईबर्क़-ए-इल्तिफ़ात
राहगुज़रमेंमिलगएराहगुज़रकोक्याकरूँँ
  - Hafeez Jalandhari
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