in talkh aañsuon ko na yuñ munh banaa ke pee | इन तल्ख़ आँसुओं को न यूँँ मुँह बना के पी

  - Hafeez Jalandhari
इनतल्ख़आँसुओंकोयूँँमुँहबनाकेपी
येमयहैख़ुद-कशीदइसेमुस्कुराकेपी
उतरेंगेकिसकेहल्क़सेयेदिल-ख़राशघूँट
किसकोपयामदूँकिमिरेसाथकेपी
मशरू-ए-बजमहीतल्ख़ी-ए-ग़मकाइलाजहै
शीरीनी-ए-कलामज़रासीमिलाकेपी
वाइज़कीअबमानअगरजानहैअज़ीज़
इसदौरमेंयेचीज़ब-तौरइकदवाकेपी
भरलेपियालाख़ुम-कदा-ए-ज़ीस्तसे'हफ़ीज़'
ख़ून-ए-जिगरहैसामनेचलकरख़ुदाकेपी
  - Hafeez Jalandhari
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy