इनगेसुओंमेंशाना-ए-अरमाँनकीजिए
ख़ून-ए-जिगरसेदावत-ए-मिज़्गाँनकीजिए
मरजाइएनकीजिएज़िक्र-ए-बहिश्त-ओ-हूर
अबख़्वाबकोभीख़्वाब-ए-परेशाँनकीजिए
बाक़ीहोजोभीहश्रयहींपरउठाइए
मरनेकेब'अदज़ीस्तकासामाँनकीजिए
दोज़ख़कोदीजिएनपरागंदगीमिरी
शीराज़ा-ए-बहिश्तपरेशाँनकीजिए
शायदयहीजहाँकिसीमजनूँकाघरबने
वीरानाभीअगरहैतोवीराँनकीजिए
क्यानाख़ुदाबग़ैरकोईडूबतानहीं
मुझकोमिरेख़ुदासपशेमाँनकीजिए
हैबुत-कदेमेंभीउसेईमानकाख़याल
क्यूँँए'तिबार-ए-मर्द-ए-मुसलमाँनकीजिए
हमसेयेबार-ए-लुत्फ़उठायानजाएगा
एहसाँयेकीजिएकियेएहसाँनकीजिए
आईनादेखिएमिरीसूरतनदेखिए
मैंआईनानहींमुझेहैराँनकीजिए
तूहीअज़ीज़-ए-ख़ातिर-ए-अहबाबहै'हफ़ीज़'
क्याकीजिएअगरतुझेक़ुर्बांनकीजिए