देखलोतुमख़ू-ए-आतिशऐक़मरशीशेमेंहै
अक्सदाग़-ए-महरकाइतनाअसरशीशेमेंहै
लोगकहतेहैंतिरेरुख़्सार-ए-ताबाँदेखकर
शम्अ'हैफ़ानूसमेंयाआब-ए-ज़रशीशेमेंहै
रातदिनरहतीहैनिय्यतबादा-ए-गुल-रंगमें
येपरीवोहैकिजोआठोंपहरशीशेमेंहै
साअद-ए-सीमींसेतेरेउसकोक्यानिस्बतभला
तौबातौबाकबलताफ़तइसक़दरशीशेमेंहै
होतीहैग़र्क़-ए-अरक़क्यूँँतूसिवाएबू-ए-गुल
औरक्याऐबुलबुल-ए-शोरीदा-सरशीशेमेंहै
मय-कदातेरारहेआबादख़ुमकीख़ैरहो
हाँपिलादेमुझकोसाक़ीजिसक़दरशीशेमेंहै
ख़ाकसेमेरीभलाक्यावक़्तकाहोइम्तियाज़
हरघड़ीबनकरबगूलामुन्तशरशीशेमेंहै
येगुमाँहोताहैअक्स-ए-महर-ए-सहबादेखकर
दाग़-ए-उल्फ़तकोलिएख़ून-ए-जिगरशीशेमेंहै
हज़रत-ए-वाइज़नऐसावक़्तहाथआएगाफिर
सबहैंबे-ख़ुदतुमभीपीलोकुछअगरशीशेमेंहै
खिंचसकेहरगिज़मुसव्विरसेनतिमसाल-ए-अदम
देखलोतस्वीर-ए-जानाँता-कमरशीशेमेंहै
थोड़ीथोड़ीराहमेंपीलेंगेगरकमहैतोक्या
दूरहैमय-ख़ानायेज़ाद-ए-सफ़रशीशेमेंहै
मयपिलाकरमुझसेकहतेहैंवोहोकरबे-हिजाब
चढ़गईआँखोंपेजबऐनकनज़रशीशेमेंहै
क्यूँँनज़ोर-ए-तब्असबअहबाबदिखलाएँ'हबीब'
इम्तिहान-ए-हुस्ननज़्म-ए-यक-दिगरशीशेमेंहै